आज जब देश में प्रजातंत्र के आधार लोकसभा में नई सरकार के गठन के लिए महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। कल आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मोदी जी के साथ साथ उनके सहयोगी मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई। अभी शपथ के साथ देश में एक नई सरकार का आगाज हो गया और नरेंद्र मोदी जी के इच्छा के अनुसार सहयोगी मंत्रियों को विभागों का आवंटन करने के बाद सरकार अपना कार्य करना प्रारंभ कर देगी। पुराने लोगों की नई सरकार होगी। नए लोगों को भी नई सरकार होगी। नए लोगों में नई उमंग होंगे। पुराने लोग अपने हिसाब से काम कर रहे होंगे।
नई सरकार के लिए, जाहिर सी बात है इस टर्म मे नए ढंग का और कुछ नया ही होना चाहिए। यह हम सोच रहे हैं तो वहां आने वाले कैबिनेट मंत्री, प्रधानमंत्री, उनके नीतियों के विशेषज्ञ लोग, सब मिलकर कुछ न कुछ ऐसा जरूर सोच रहे होंगे कि हम कुछ अलग हटके करेंगे। सबसे पहली बार जो इस भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बहुमत मिला है वह धार्मिक आधार पर मिला है। तथाकथित पार्टी के कार्यकर्ताओं और समाज के ठेकेदारों ने, धर्म के दलालों ने, आम जनता के मन में, हिंदू धर्म खत्म होने का इतना बड़ा भय पैदा कर दिया था कि हर जनमानस यह सोचने के लिए मजबूर हो गया था कि क्या दस-बीस साल में यह हिंदू धर्म खत्म हो जाएगा। किसी ने भी यही नहीं सोचा कि आज बीते हुए दो चार हज़ार सालों में कोई हिंदू धर्म को खत्म नहीं कर पाया है और मैं दावा करता हूं कि आगे भी कोई भी धर्म को खत्म नहीं कर पाएगा।
धार्मिक बैंक के आगे और धार्मिक कट्टरता की प्रबलता के लिए हिंदू धर्म के अनुयाई आम जनता यह भूल बैठे कि नहीं कट्टर लोगों ने हमको विभिन्न श्रेणियों में बांटकर के नीच होने का दर्जा दिया है। जो खुद एक नहीं हो सकते हैं वह वाला इस देश की रक्षा क्या करेंगे ? बांटने वाले लोग भी क्या कभी किसी को एक किया करते हैं। सबवे किसी को नीचा किसी को ऊंचा बताने वाले लोग उनके अनुसार नीच लोग को क्या वह गले लगा पाएंगे, ऐसा सम्भव नहीं है।
अब देखना यह होगा कि मौजूदा भारतीय जनता पार्टी सरकार कितने अच्छे ढंग से युवाओं में धर्म के प्रति निष्ठा पैदा करती है। यह निष्ठा तभी पैदा हो सकती है जब हम दूसरे धर्म से अपनी तुलना करें। इसके लिए पहले हमें उनसे संघर्ष करना होगा तभी उनसे अपने को श्रेष्ठ साबित करना होगा। अपने को मजबूत साबित करना होगा जो दूसरे के ऊपर शक्ति प्रदर्शन करके ही साबित हो सकता है। और तमाम धर्म से संबंधित बातें हैं जिन पर गौर करना होगा तभी यह धर्म मजबूत होगा। इसी धर्म को मजबूत करते-करते कहीं इतना न मजबूत कर देना कि यह धर्म भी दूसरों की तरह बदनाम हो जाए।
जय भारत !
जय जय जय !
#विनोद सचान
No comments:
Post a Comment